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Love Beneath the Rain
फिर से दिल उसी मोड़ पर आ खड़ा है, जहाँ से कभी खुद को दूर किया था... कुछ यादें हैं जो छूटती ही नहीं, चाहे कितना भी उन्हें भूलना चाहा था... दिल है कि मानता ही नहीं, हर बार वही रास्ता चुन लेता है... दूर रहकर भी जो अपना लगे, शायद उसे ही मोहब्बत कहते हैं... कुछ रिश्ते नाम के मोहताज नहीं होते, बस एहसास में ही जीते रहते हैं...


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